1000+ Two Line Shayari {Short Shayari}

1000+ Two Line Shayari {Short Shayari} - Hindi Shayari
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1000+ Two Line Shayari {Short Shayari}
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एक चाहत थी.. तेरे साथ जीने की,
वरना, मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी।

जाने लोग मोहब्बत को क्या-क्या नाम देते हैं
हम तो तेरे नाम को ही मोहब्बत कहते हैं।

वो कहता है कि बता तेरा दर्द कैसे समझूँ,
मैंने कहा.. इश्क़ कर और कर के हार जा।

कोशिश हज़ार की के इसे रोक लूँ मगर,
ठहरी हुई घड़ी में भी.. ठहरा नहीं ये वक्त।

हम तुम बैठे ही नहीं, इक मुद्दत से संग,
यार गिलासों को कहीं, लग ना जाये ज़ंग।

कोई भी हो हर ख़्वाब तो अच्छा नही होता,
बहुत ज्यादा प्यार भी अच्छा नहीं होता है।

मुझको छोड़ने की वजह.. तो बता देते,
मुझसे नाराज थे या मुझ जैसे हजारों थे।

सुनना चाहते है एक बार आवाज उनकी
मगर बात करने का बहाना भी तो नहीं आता मुझे।

बारूद के इक ढेर पे बैठी हुई दुनिया,
शोलों से हिफ़ाज़त का हुनर पूछ रही है।

शायरी भी एक खेल है शतरंज का,
जिसमे लफ़्ज़ों के मोहरे मात दिया करते हैं एहसासों को।

ना आवाज हुई.. ना तमाशा हुआ,
बड़ी ख़ामोशी से टूट गया.. एक भरोसा जो तुझ पर था।

जलजले ऊँची इमारत को गिरा सकते हैं,
मैं तो बुनियाद हूँ मुझे कोई खौफ नहीं।

कागज के बेजान परिंदे भी उड़ते है,
जनाब, बस डोर सही हाथ में होनी चाहिए।

वो मेरा वहम था कि मैँने उसे, अपना हम सफर समझा
वो चलता तो मेरे साथ था पर किसी और की तलाश मे।

मन ख्वाहिशों मे अटका रहा,
और ज़िन्दगी हमें जी कर चली गई।

मुझे तलाश है उन रास्तों कि, जहां से कोई गुज़रा न हो,
सुना है.. वीरानों मे अक्सर, जिंदगी मिल जाती है।

फ़ासला भी ज़रूरी था.. चिराग़ रौशन करते वक़्त
ये तज़ुर्बा हासिल हुआ.. हाथ जल जाने के बाद।

एक चेहरा पड़ा मिला.. रास्ते पर मुझे,
ज़रूर किरदार बदलते वक़्त गिरा होगा।

मोहब्बत की शतरंज में वो बड़ा चालाक निकला,
दिल को मोहरा बना कर हमारी जिन्दगी छीन ली।

जितने दिन तक जी गई, बस उतनी ही है जिन्दगी,
मिट्टी के गुल्लकों की कोई उम्र नहीं होती।

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